UPI धोखाधड़ी कैसे होती है — जानें पूरा तरीका
ठग आमतौर पर चार तरीकों से काम करते हैं। पहला — वे एक 'Collect Request' भेजते हैं जो देखने में असली बैंक की तरह लगती है, लेकिन उसे स्वीकार करते ही पैसे कट जाते हैं। दूसरा — नकली कस्टमर केयर नंबर देकर आपका UPI PIN मांगते हैं। तीसरा — QR कोड स्कैन करवाकर भुगतान करवाते हैं और दावा करते हैं कि पैसे
मिलेंगे। चौथा — IMPS या बैंक ट्रांसफर के नाम पर फर्जी स्क्रीनशॉट भेजकर लेन-देन पूरा हुआ दिखाते हैं। कोलकाता और चेन्नई जैसे शहरों में इस तरह के मामले बड़ी संख्या में दर्ज हुए हैं। PhonePe, Google Pay या Paytm जैसे परिचित UPI ऐप में कभी भी PIN सिर्फ पैसे भेजते वक्त डालें, पाते वक्त नहीं।